Welcome to Chapter 5, "Chandra Gehna Se Lauti Ber " Question and Answer Guide for class 9. Our concise, expert-curated solutions align with the NCERT curriculum, enhancing comprehension and exam performance.

1. इस विजन में .अधिक है’- पंक्तियों में नगरीय संस्कृति के प्रति कवि का क्या आक्रोश है और क्यों?

उत्तर-

उपर्युक्त पंक्तियों में कवि ने नगरीय संस्कृति की व्यावसायिकता पर आक्रोश प्रकट किया है। उनके अनुसार, नगर के लोग व्यापार को महत्त्व देते हैं। वे प्रेम और सौंदर्य से बहुत दूर हैं। वे प्रकृति से भी अपने आप को दूर कर चुके हैं। कवि इसे नगर संस्कृति का दुर्भाग्य मानता है।


2. सरसों कोसयानीकहकर कवि क्या कहना चाहता होगा?

उत्तर-

सरसों को सयानी कहकर कवि यह कहना चाहता है कि अब वह बड़ी हो गई है। उस पर आए फूलों के कारण उसका रूप-सौंदर्य निखर आया है।


3.अलसी के मनोभावों का वर्णन कीजिए।

उत्तर-

कवि देखता है कि चने के पास ही अलसी उग आई है कवि अलसी का मनोभाव करते हुए कहता है की, लगता है कि वह चने के पास हठ करके उगी है पतला शरीर , लचकदार कमर वाली अलसी सिर पर नीले फूल धारण किए हुए है ऐसी सुंदरी अलसी कहती है कि जो उसे छुएगा उसे वह अपना हृदय दान दे देगी अर्थात कवि उसको प्रेमातुर नायिका के रूप में प्रस्तुत कर रहा है


4. अलसी के लिएहठीलीविशेषण का प्रयोग क्यों किया गया है?

उत्तर-

अलसी के लिएहठीलीविशेषण का प्रयोग इसलिए किया गया है क्योंकि-

  • वह चने से सटकर उग आई है।

  • वह हवा से लहराकर बार-बार झुककर जमीन को छू जाती है और अगले ही पल तुरंत खड़ी हो जाती है।


5. चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभामें कवि की किस सूक्ष्प कल्पना का आभास मिलता है?

उत्तर-

सरोवर के जल में सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं तो यों लगता है जैसे पानी के नीचे चाँदी का बड़ा गोल खंभा हो। रंग, चमक और रूप की समानता के कारण यह कल्पना मनोरम बन पड़ी है।


6. कविता के आधार पर हरे चनेका सौंदर्य अपने शब्दों में चित्रित कीजिए।

उत्तर-

एक बीते ( बिते ) की लंबाई का ठिगनासा चने का पौधा सजधजकर खड़ा है उसने अपने शीश पर साफा बाँध रखा है मानो वह शादी में जाने को तैयार है , क्योंकि वह सिर पर गुलाबी फूल सजाए खड़ा है 



7. कवि ने प्रकृति का मानवीकरण कहाँ-कहाँ किया है?

उत्तर-

कवि ने निम्न स्थलों पर प्रकृति का मानवीकरण किया है

  • यह हरा ठिगना चना,
    बाँधे मुरैठा शीश पर
    छोटे गुलाबी फूल का,
    सज कर खड़ा है।

  • पास ही मिल कर उगी है
    बीच में अलसी हठीली
    देह की पतली, कमर की है लचीली,
    नील फूले फूल को सिर पर चढ़ा कर
    कह रही है, जो छुए यह
    दें हृदय का दान उसको।

  • और सरसों की पूछो
    हो गई सबसे सयानी,
    हाथ पीले कर लिए हैं।
    ब्याह-मंडप में पधारी।

  • फाग गाता मास फागुन

  •  हैं कई पत्थर किनारे
    पी रहे चुपचाप पानी,
    प्यास जाने कब बुझेगी!


8. कविता में से उन पंक्तियों को ढूंढ़िए जिनमें निम्नलिखित भाव व्यंजित हो रहा है और चारों तरफ़ सूखी और उजाड़ जमीन है लेकिन वहाँ भी तोते का मधुर स्वर मन को स्पंदित कर रहा है।

उत्तर-

उपर्युक्त भाव को व्यंजित करने वाली पंक्तियाँ हैं-
बाँझ भूमि पर
मीठा-मीठा रस टपकाता
इधर-उधर रीवा के पेड़
सुग्गे का स्वर
काँटेदार कुरूप खड़े हैं।
टें हें टें टें।
सुन पड़ता है।



9. ‘और सरसों की पूछो’-इस उक्ति में बात को कहने का एक खास अंदाज़ है। हम इस प्रकार की शैली का प्रयोग कब और क्यों करते हैं?

उत्तर-

हम इस तरह की शैली का प्रयोग प्रशंसा करते समय करते हैं। अत्यधिक आश्चर्य, निंदा या भावों की अति दिखाने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है जैसे-

अरे उस दुष्ट की करतूतों की पूछो!
अरे, ताजमहल की ऊँचाई की पूछो!

क्योंप्रायः हम किसी भाव से इतने अधिक अभिभूत हो जाते हैं कि कोई शब्द उसे व्यक्त नहीं कर पाता। तब हम शब्दों की लाचारी बताने के लिए यह कहते हैं-उसकी बात मत पूछो।


10. काले माथे और सफ़ेद पंखों वाली चिड़िया आपकी दृष्टि में किस प्रकार के व्यक्तित्व का प्रतीक हो सकती है

उत्तर-

काले माथे और सफ़ेद पंखवाली चिड़िया किसी ऐसे स्वार्थी व्यक्तित्व का प्रतीक हो सकती है जो दूसरों का शोषण करने के लिए तत्पर रहता है। वह दूसरों की भलाई के बारे में सोचे-समझे बिना मौके की तलाश में रहता है और मौका पाते। ही उसे अपना शिकार बना लेता है।


11. बीते के बराबर, ठिगना, मुरैठा आदि सामान्य बोलचाल के शब्द हैं, लेकिन कविता में इन्हीं से सौंदर्य उभरा है और कविता सहज बन पड़ी है। कविता में आए ऐसे ही अन्य शब्दों की सूची बनाइए।

उत्तर-

मेड़, हठीली, सयानी, ब्याह-मंडप, फागुन, पोखर, खंभा, चकमकोता, चट, झपाटे, सुग्गा, जुगुल जोड़ी, चुप्पे-चुप्पे।


12. कविता को पढ़ते समय कुछ मुहावरे मानस-पटल पर उभर आते हैं, उन्हें लिखिए और अपने वाक्यों में प्रयुक्त कीजिए।

उत्तर-

कविता में आए कुछ मुहावरे-

  • हृदय का दान देना-(प्रेम करना)-पद्मावती के रूप सौंदर्य का वर्णन सुनते ही रत्नसेन ने उसे अपने हृदय का दान दे दिया।

  • सयानी होना-(समझदार होना)-मिनी को देखते ही काबुली वाले को याद आया कि उसकी अपनी बेटी भी सयानी हो गई होगी।

  • हाथ पीले करना-(विवाह करना)-अपनी बिटिया के हाथ पीले करने के बाद गरीब माँ-बाप ने चैन की साँस ली।

  • पैरों के तले होना-(एकदम निकट होना)-कवि जहाँ बैठा था वहीं पैरों के तले ही पोखर था।

  • ध्यान-निद्रा त्यागना-(सजग हो जाना)-मछली देखते ही बगुला ध्यान निद्रा त्याग देता है।

  • गले के नीचे डालना-(खा जाना)-भूखा भिखारी सूखी रोटियाँ गले के नीचे डालता जा रहा था।

  • हृदय चीरना-(दुख पहुँचाना)-प्रेमी युगल द्वारा एक-दूसरे के साथ विश्वासघात करना हृदय चीरने वाली बात होती है।